केन्ट आरओ के वाटर टब में कुछ ही समय में जम जाती है काई, कंपनी के पास नहीं है इस समस्या से निपटने का उपाय

आरओ का पानी बीमार कर रहा है, और एनजीटी ने आरओ पर पाबंदी लगा रखी है। इतना तक तो ठीक था, लेकिन क्या आपको ये पता है कि अक्सर आरओ के अंदर जो पानी का टब लगा होता है उसके बाटम में काई जम जाती है और लोग उस काई से रिसता हुआ पानी पीते हैं। प्रायः घरों में आरओ लगने के बाद उसकी तरफ ध्यान ही नहीं दिया जाता है कि चलो अब तो आरओ लग गया, सब ठीक है। लेकिन जो शिकायतें आ रही हैं, उनसे तो लगता है कि बड़ी बड़ी कम्पनियों के आरओ प्रदूषित पानी पिला रही हैं।

बात आरओ की हो रही है तो आरओ में सबसे लोकप्रिय आरओ है केन्ट। बाॅलीवुड की मशहूर अदाकारा और माननीय सांसद हेमा मालिनी जी इसका विज्ञापन करती हैं । लेकिन इस आरओ की वाटर टब में जब तब काई लग जाना आम बात हो गई है। स्वयं केन्ट आरओ के सोशल मीडिया पर आने वाली कम्प्लेंट्स में प्रायः इसके वाटर टब के बाॅटम पर काई जमने की शिकायतें मिल रही हैं। केवल केन्ट ही नहीं अन्य कम्पनियों के वाटर टब के बाटम पर भी काई जमने की शिकायतें मिल रही हैं और आरओ कम्पनियां वाटर टब की तकनीक सुधारने की तरफ कोई पहल करती दिख भी नहीं रही हैं।

इस मामले का सबसे दुखद पहलू ये है कि केन्ट कम्पनी का कोई भी अधिकारी इस सम्बंध में उपभोक्ता से बात करने को तैयार नहीं है। जो एक्जीक्यूटिव आता है वह हर बार काई साफ करके चला जाता है और कहता है कि जब काई लगे उसे फोन करके बुला लिया जाए। वाटर टब बदलने की बात पर वह कहता है कि टब के पैसे पड़ेंगे, तभी बदला जाएगा। इस पक्ष की ओर बिल्कुल ध्यान इसलिए नहीं दिया जाता है कि एक बार आरओ लगा देने के बाद उपभोक्ताओं की सुनता ही कौन है।

गौर करें तो समझ में आता है कि घरों में आरओ लगाने के समय से ही इन कम्पनियों की चालाकी दिखने लगती है। आरओ को हमेशा दीवार पर करीब छह फुट ऊपर लगाया जाता है ताकि इसके वाटर टब पर किसी की निगाह ही न पड़े। नीचे लगाने पर आरओ कम्पनी का इंजीनियर कहता है कि पानी का फ्लो बिगड़ जाएगा। ठीक है, लेकिन चार फुट पर लगाने में क्या समस्या है ताकि पानी की स्वच्छता दिखती रहे। लेकिन ये लोग ऐसा नहीं करते। जबकि आरओ बिजली से चलता है, थोड़ा नीचे हो तो भी पानी के फ्लो पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

चीयर्स डाॅट काॅम को केन्ट आरओ की इस तरह की कई शिकायतें मिलीं हैं जिनमें उपभोक्ता ने बताया कि कम्पनी से वाटर टब के बाॅटम में काई लग जाने की शिकायत की गई तो उनके एक्जीक्यूटिव आते हैं और कहते हैं कि इसे रोशनी की जगह से दूर लगाइये, कोई फूड पार्ट्स चला गया होगा, प्लेट बदलवा लीजिए आदि आदि। लेकिन वे लोग इससे इनकार नहीं करते कि ऐसी शिकायतें नहीं आती हैं। चीयर्स डाॅट काॅम ने अपने स्तर पर केन्ट आरओ कम्पनी के ईमेल किया कि आप अपना पक्ष रख दें लेकिन किसी ने जवाब नहीं दिया।

गौरतलब है कि पूरे यूपी में केन्ट आरओ की अपनी कोई डीलर शिप नहीं है। फ्रेंचाइजी पर काम हो रहा है, इसी कारण पूरे यूपी में केन्ट आरओ का कोई अधिकारी नहीं बैठता है।

चीयर्स डेस्क

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