हरियाणा के गावों में अब नहीं खुलेंगे शराब के ठेके

हरियाणा में हाल ही में गठित भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार का कैबिनेट विस्तार भले ही न हो पाया हो, लेकिन विधानसभा के पहले ही सत्र में सरकार एक्शन मोड में नज़र आ रही है। सत्र के दूसरे दिये सीएम मनोहर लाल खट्टर ने एक दर्जन के करीब घोषणाएं कर डालीं। अहम बात यह है कि घोषणाओं में उन वादों को भी शामिल किया गया है, जो गठबंधन सहयोगी जजपा द्वारा चुनावों के दौरान लोगों से किये गये थे। जजपा घोषणा-पत्र का वादा पूरा करते हुए सीएम ने कहा कि गांवों में शराब के ठेके नहीं खोले जाएंगे। अगले वर्ष आने वाली आबकारी नीति में इसका प्रावधान किया जाएगा।।

राज्यपाल के अभिभाषण पर अपने रिप्लाई में सीएम ने कहा, हम पिछले कार्यकाल की तरह समान काम-समान विकास की योजना पर आगे बढ़ेंगे। इसलिए विपक्ष के विधायकों के हलकों में भी उतने ही काम होंगे, जितने सत्तापक्ष के हलकों में होंगे। खट्टर ने सभी 90 हलकों में 450 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का ऐलान करते हुए कहा कि सभी विधायक अपने-अपने हलके के लिए 5-5 करोड़ रुपये की विकास योजना बनाकर उन्हें दें।

सीएम ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि प्राइवेट कंपनियों में 75 फीसदी नौकरी हरियाणा के लोगों के लिए होंगी। इसके लिए जल्द ही कानून बनेगा। यही नहीं, जो भी उद्योगपति अपनी फैक्टरी में 95 फीसदी नौकरी स्थानीय युवाओं को देंगे, उन्हें अतिरिक्त सुविधाएं दी जाएंगी। गठबंधन सरकार सरकारी नौकरियों में भी ऐसा ही प्रावधान करने की योजना बना रही है। मुख्यमंत्री ने आउटसोर्स के तहत कार्यरत महिला कर्मचारियों को भी नियमित कर्मचारियों की तर्ज पर छह महीने का मातृत्व अवकाश देने का ऐलान किया है।

वैसे तो हरियाणा में शराब काफी सस्ती है लेकिन अब देखना होगा, कि शराब जो की हरियाणा सरकार के राजस्व का मुख्य श्रोत है उस पर आने वाली आबकारी नीति का क्या प्रभाव पड़ेगा।

चीयर्स डेस्क 

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