शराब दुकानों के ऑनलाइन आवंटन में भी सेंधमारी

आबकारी निरीक्षक वन्दना सिंह, सेक्टर-2 आबकारी निरीक्षक नीतू सिंह, पूर्व में सेक्टर-7 में रहे आबकारी निरीक्षक संजय मिश्रा जो इस समय कानपुर में तैनात थे और संजय उपाध्याय जो हरदोई में तैनात थे उन्हें आबकारी आयुक्त ने प्रमुख सचिव संजय आर भूसरेड्डी के निर्देश पर निलम्बित कर विभागीय जांच शुरू करा दी है। ये सभी लोग दुकान को लेकर डीओ की साजिश में किसी न किसी रूप में शामिल रहे हैं। लखनऊ। राजधानी में मॉडल शॉप का आवंटन आंख मूंद कर किया गया है। करीब 95 प्रतिशत माडल शॉप ऐसे हैं जो नियमों के विरुद्ध संचालित हैं। इसमें कई माडल शॉप तो अभी भी टीन शेड के नीचे संचालित किए जा रहे हैं।

इसके अलावा तमाम शराब की दुकानें ऐसी हैं जिनकी चौद्दी तो कहीं पास है, लेकिन उसका संचालन कहीं और किया जा रहा है। लखनऊ। मोहनलालगंज के गंगा खेड़ा से 3 मार्च 2019 को स्थानान्तरण होकर पिपरसण्ड-1 रेलवे स्टेशन के पते पर अंग्रेजी शराब की दुकान शिफ्ट की गयी, लेकिन दुकान कभी भी आस्त्वि में नहीं आयी। इस मामले में निलम्बित किए गए पूर्व जिला आबकारी अधिकारी जनार्दन यादव ने शराब माफियाओं से सांठ-गांठ कर केवल उसे पोर्टल पर ही जिन्दा रखा था। भौतिक रूप से शराब की दुकान कभी आस्तित्व में नहीं आयी।

राजधानी में चन्द शराब माफियाओं को फायदा पहुंचाने के लिए ऑन लाइन लाटरी से दुकानों के आवंटन प्रक्रिया में धोखाधड़ी के आरोप तो विभाग पर पहले से लग रहे थे, लेकिन अब जो हकीकत सामने आ रही है, उसके अनुसार करीब दर्जनभर शराब माफियाओं के लिंक पूर्व जिला आबकारी अधिकारी (डीओ) जनार्दन यादव से जुड़ रहे हैं, जिन्हें फायदा पहुंचाने के लिए उन्होंने ने विभागीय आईडी का दुरुपयोग कर इण्टरनेट साइड को गुपचुप तरीके से खोलकर शराब माफियाओं को महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं और उन्हें भरपूर फायदा पहुंचाया, जिसके चलते कई शराब माफियाओं को राजधानी में एक दर्जन से अधिक मॉडल शॉप, अंग्रेजी व देशी शराब की दुकानें व बीयर शॉप आवंटित की गयीं।

ये वो दुकाने हैं जो कारोबारियों अत्यअधिक फायदा पहुंचाने वाली हैं और उसे लेने के लिए हर शराब कारोबारी लालायित रहता है। सूत्र बताते हैं कि पूर्व डीओ (निलम्बित) की इस गुपचुप कारीगरी के आगे तो राजधानी में पूर्व में छाये रहे शराब माफिया व सिंडिकेट भी फेल हो गया।बताते हैं कि पूर्व डीओ जनार्दन यादव ने इन शराब सिडिंकेट को दुकानें आवंटन के समय अपनी आईडी से एनआईसी की साइड खोलकर शराब की दुकान लेने के लिए किए गए आवेदनों की संख्या, दुकानों का कोटा व लाइसेंस फीस के साथ-साथ रेट कोड किए जाने तक की नसीहत दी थी, जिसके आधार पर ही उन्होंने फार्म कोड किए और उन्हें अधिकतर फायदे वाली शराब की दुकानें व माडल शॉप आवंटित हुए।

आबकारी विभाग उत्तर प्रदेश को ऑन लाइन शराब की दुकानों का आवंटन कराने के लिए अधिकृत कम्पनी एनआईसी को ठेका मिला है। कम्पनी के कामकाज का संचालन सुविधाजनक रूप से कराने के लिए जिला आबाकारी अधिकारी लखनऊ को एक आईडी जारी थी, जिसका कोड डीओ को ही मालूम होता है। इसका लाभ उठाते हुए डीओ ने शराब सिंडिकेट को फायदा भरपूर फायदा पहुंचाने के लिए हजरतगंज जनपथ मार्केट स्थित एक फोटो स्टेट शॉप (साइबर कैफे) का इस्तेमाल किया, जहां बैठकर वह अपनी आईडी से जिला आबकारी विभाग की साइड खोलकर गुप्त सूचनाएं शराब माफियाओं को लीक करते थे। इन शराब माफियाओं को एफएल-टू व सीएल-टू आवंटन के साथ ही करीब एक-एक दर्जन से अधिक अंग्रेजी व देशी शराब की दुकानें, मॉडल शॉप व बीयर शॉप आवंटित हुए। आशंका जताई जा रही है कि उनके इस कृत में एनआईसी के भी कुछ लोग शामिल हो सकते हैं। 

 चीयर्स डेस्क 

loading...
Close
Close