शताब्दी एक्सप्रेस में पानी बेचने के नाम पर मची है लूट

शताब्दी एक्सप्रेस में पानी बेचने के नाम पर यात्रियों को जमकर लूटा जा रहा है। पानी की आधा लीटर बोतल देने के बाद यात्रियों को अलग से एक लीटर की बोतल खरीदना पड़ रहा है, जो तय कीमत से पांच रुपये महंगी मिल रही है। इससे रेलवे की आय तो बढ़ी है, लेकिन यात्रियों को रेलवे के नए नियम से परेशानी हो रही है। शिकायत करने के बावजूद रेलवे बोर्ड के अधिकारी भी चुप्पी साधे हुए हैं।

रेलवे का आदेश है कि शताब्दी एक्सप्रेस में केवल रेल नीर ब्रांड को बेचा जाएगा। इस नियम का भी पालन भी नहीं हो रहा है। रेल नीर के अलावा अन्य लोकल कंपनियों की पानी बोतल बेची जा रही है। आधा लीटर बोतल पानी खत्म हो जाने के बाद एक लीटर बोतल मजबूरी में खरीदनी पड़ती है। लेकिन पिछले कुछ दिनों से पानी के पूरे पैसे लेकर आधा लीटर की बोतल थमाई जा रही है। अतिरिक्त पानी की बोतल मांगने पर भी रेल नीर नहीं मिलता है। इसके बदले लोकल पानी की बोतल दी जाती है। 20 रुपये की इस बोतल के पानी की गुणवत्ता भी कैसी रहती है यह तो बनाने वाले ही जानते हैं।

15 रुपये वाली बोतल 20 रुपये में बेच रहा है स्टाफ

शताब्दी एक्स्प्रेस में यात्रियों को कैटरिंग स्टाफ 15 रुपये प्रति लीटर वाली बोतल को 20 रुपये में बेच रहा है। रोजाना एक तरफ से रेलवे 600 बोतल बेच रहा है। ऐसे में रेलवे को कमाई हो रही है, लेकिन यात्रियों की जेब पर सही में डाका डाला जा रहा है। पानी बचाने के लिए आधा लीटर पानी की बोतल देने का रेलवे बोर्ड के अधिकारियों का फरमान यात्रियों के गले नहीं उतर रहा है।  जो यात्री पांच घंटे की यात्रा करते हैं, उनको सफर के दौरान सुबह चाय, फिर नाश्ता और लंच अथवा डिनर दिया जाता है।

यह भी पढ़ें –शताब्दी ट्रेनों में एक नहीं, सिर्फ आधा लीटर पानी मिलेगा

ऐसे में आधा लीटर पानी की बोतल जल्दी ही खत्म हो जाती है। वहीं ज्यादातर यात्री पहले मिलने वाली एक लीटर की बोतल को अपने साथ ले जाते थे, अगर पानी बचता था। ऐसे में यात्रियों को पानी की बर्बादी होने की बात गले से नहीं उतर रही है। प्रीमियम ट्रेन शताब्दी एक्सप्रेस में यात्रा करने वाले यात्रियों को अब कम पानी पीकर के सफर करना होगा।  हालांकि यह केवल उन ट्रेनों में लागू होगा, जिनकी यात्रा अवधि पांच घंटे की है।

पांच घंटे से अधिक के सफर में मिलेगा एक लीटर पानी

अगर ट्रेन का सफर पांच घंटे से ज्यादा का है तो यात्रियों को आधा-आधा लीटर की दो बोतलें दी जाएंगी। रेलवे के डायरेक्टर टूरिज्म एंड कैटरिंग फिलिप वर्गिस की ओर से जारी किए गए आदेश में कहा गया है कि शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेनों में इस व्यवस्था को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर अगले तीन महीनों के लिए लागू किया गया है।

चीयर्स डेस्क 

loading...
Close
Close