राजस्थान में 96 घंटे में एक बार मिल रहा है पीने का पानी

राजस्थान में भीषण गर्मी का दौर जारी है और अधिकांश जिलों में पेयजल संकट चल रहा है। ऐसे में अब जलदाय अधिकारियों को मुख्यालय पर रहना होगा और पेयजल समस्याओं का समाधान करना होगा। प्रदेश में पेयजल संकट को लेकर जलदाय विभाग के प्रमुख सचिव राजेश यादव ने मंगवालर को विभाग के उच्च अधिकारियों की बैठक ली।

बैठक के बाद यादव ने बताया कि पेयजल किल्लत का सही सही पता तभी लगेगा जब इंजिनियर मुख्यालय पर रहेंगे। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में गर्मी से पेयजल संकट बढ़ सकता है। लिहाजा पेयजल संकट से निपटने के लिए सभी जिलों के कलक्टरों को 50—50 लाख रुपए का बजट दे दिया गया है। राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष पर अब तक दर्ज 714 में से 683 तथा जिलों में कार्यरत नियंत्रण कक्षों में प्राप्त 8618 प्रकरणों में से 8453 का निस्तारण किया जा चुका है।

राजस्थान में तीन दिन से नौतपा चल रहा है और प्रदेश भटटी की तरह तप रहा है। नौतपा शुरू होते ही प्रदेश में भीषण पेयजल संकट शुरू हो गया है। कई जिलों में तो लोगों को 96 घंटे में पीने के लिए पानी मिल रहा है। कलक्टरों को 50—50 लाख रुपए का बजट दिया गया है लेकिन फिलहाल इस बजट से पेयजल उपलबध कराने के लिए गति नहीं मिल सकी है।

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