मेरे दिल की गिरह खोलती है शराब

मैं शराब कभी अकेले नहीं पीती क्योंकि शराब मेरे शरीर या दिमाग की जरुरत नहीं बल्कि मुझे बेफिक्र होने में मदद करती है, ये मुझे लोगों से जोड़ती है। मुझे दोस्तों के साथ और अपने करीबी लोगों के साथ पीना पसंद है और मुझे याद नहीं कि कभी मैंने अकेले शराब पी हो या शराब को गम गलत करने का जरिया बनाया हो। करीबन डेढ़ दशक से अमेरिका में रहते हुए शराब मेरे लिए जरुरत तो नहीं, पर दोस्तों के महफिल का हिस्सा बन चुका है शराब मुझे मेरी गिरह खोलने में मदद करती है कई बातें जो मैं आम तौर पर इसलिए नहीं बोल पाती कि सामने वाले को बुरा लग सकता है ,पीने के बाद बेधड़क बोल देती हूँ और लोगों से खुलकर बात करती हूँ।

ऐसा नहीं कि हर बार बेतक्कलुफी में दोस्त ही बनते हैं कई बार दुश्मन भी बन जाते हैं और कई बार इसका खामियाजा भी भुगतना पड़ता है। इसलिए पीकर इतनी गुंजाइश तो रखती हूँ कि जुबां पर काबू रख सकूँ। मेरे अपने अनुभव से शराब उसी मनोस्थिति को उभरता है जिस मनोस्थिति में आप पीना शुरू करते हैं। मैं खुशमिजाज हूँ और पीने के बाद और भी खुशमिजाज हो जाती हूँ पर एक आध वाकया परेशान करने वाला भी रहा जब खुशमिजाजी कि जगह उदासी दिमाग पर हावी हो गई। ऐसा ही वाकया कुछ सालों पहले हुआ था जब पूरे पांच छह घंटे रोती रही अपनी माँ को याद करते हुए। आंसू थे कि रुकने का नाम ही नहीं ले रहे थे। दोस्त और रिश्तेदार इतने परेशान हो गए कि मुझे अस्पताल जाना पड़ गया। नशा कभी इमोशनल भी कर देता है। शराब को लेकर हमारी सोच काफी हद तक हमारे समाज और हमारी धारणाओं से प्रभावित है। जब मैं भारत में थी तब मध्य वर्ग की लड़कियों में शराब पीना आम नहीं था , और अगर कोई लड़की पीती थी तो वो संस्कारी लड़की के रूप में तो कतई नहीं देखी जाती थी। हमारा समाज  ऐसी लड़कियों को बदचलन का तमगा भी आसानी से दे देता  हैं।

मेरा मानना है जब शराब लत बन जाए तो समझ लेना चाहिए की छोड़ने का समय आ गया क्योंकि तब आप अपनी सेहत से खिलवाड़ कर रहे होते हैं। चाहे शराब के कितने फायदे गिनाए जाएं, ये तो सबको पता है कि ज्यादा शराब पीने से शरीर और दिमाग दोनों ही काम करना बंद कर देते हैं। शराब तब तक ही ठीक है जब आप अपने होश ओ हवास में रह सकें और अगर होश खोना हो तो भी ऐसे माहौल में रहें जो सुरक्षित हो। खासकर लड़कियों के लिए चाहें भारत हो या अमेरिका, नशे में बेसुध होने से पहले सुरक्षित माहौल का ध्यान रखना जरूरी है अमेरिकी कॉलेजों में नशे की हालत मे  बलात्कार की घटनाएं आम हैं, ज्यादातर वाकयों में लड़कियां प्रतिरोध की हालत में नहीं होतीं और ऐसे वाकये दब कर रह जाते हैं। इसलिए पिएं मगर, जिम्मेदारी के साथ !

मंजुला सिंह 

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