बिहार के आलराउंडर चूहे सिर्फ शराबी ही नहीं भ्रष्टाचारी भी

शुक्रवार को बिहार विधान परिषद का नज़ारा देखने लायक था, सदन से लेकर बाहर तक विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच ‘शराबी चूहा’ चर्चा का विषय बना रहा। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ‘बांध काटने, शराब गटकने और फाइल कुतरने वाले चूहे’ को सजा दिलाने की मांग विपक्षी सदस्यों ने सरकार से की।

राजद के मुख्य सचेतक सुबोध कुमार पिंजरे में चूहा लेकर विधान परिषद पहुंच गए। उन्होंने सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के साथ पिंजरे लेकर परिषद पोर्टिको में सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। सृजन समेत विभिन्न घोटालों का नाम लेकर सरकार विरोधी नारे लगाए। विपक्षी सदस्य यहीं नहीं रुके। वे सदन की कार्यवाही शुरू होते ही चूहे को सजा दिलाने की मांग करने पर अड़ गए। इस बीच सदन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पहुंचने पर विपक्षी सदस्यों ने कार्रवाई की मांग और तेज कर दी। सुबोध की मांग सुनकर मुख्यमंत्री सदन में मुस्कुराते नजर आए।

चूहे की चर्चा क्यों ?

दरअसल, शराबबंदी के बाद बिहार के थानों में जब्त शराब का हिसाब चल रहा था, तो कई थानेदारों ने रिपोर्ट दी कि जब्त शराब इसलिए गायब है क्योंकि चूहे शराब पी गए। यह थानों के भ्रष्टाचार का मामला था। इसी तरह नियोजित शिक्षकों की भर्ती में धांधली की जांच के दौरान भी जिलों से रिपोर्ट आई कि कई फाइलें चूहे कुतर गए हैं। बांध टूटने पर भी यह कहा गया था कि चूहों ने बांधों को नुकसान पहुंचाया इसलिए बांध पानी का दबाव नहीं ङोल सका। राजद के विधायक इन्हीं प्रकरणों को लेकर सरकार पर तंज करते रहे।

चीयर्स डेस्क 

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