जब यूपी के सीएम ने एक टल्ली मंत्री को घर से निकलवाया !

बात करीब उन्नीस साल पहले की है, जब यूपी के सीएम एक बेहद शांत स्वभाव के महानुभाव हुआ करते थे। किसी से भी वह ऊंचे स्वर में बात नहीं करते थे। किसी भी तरह की बैठकबाजी में वह शामिल नहीं होते थे। समय से खाना, सोना और जागना उनकी दिनचर्या में शामिल था। अपने स्वास्थ्य को लेकर उन्होंने कई नियम बना रखे थे। जिसके तहत मुख्यमंत्री आवास आने वाले हर अधिकारी या नेता को अपने जूते चप्पल सीएम आवास के गलियारे में रखी एक मेज के नीचे उतार कर उसके समीप रखी चकाचक साफ हवाई चप्पल पहन कर कमरे में जाना होता था।

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उनके इस नियम का पालन मुख्यमंत्री आवास के पड़ोस में रहने वाले एक कैबिनेट मंत्री जी नहीं करते थे। ये मंत्री जी पीने खाने के शौकीन थे। ऐसे में उनके सरकारी आवास पर आए दिन पार्टियां होती थी जिनमें उन दिनों नई नई मार्केट में आई हंड्रेड पाइपर्स भी हुआ करती थी। वैसे ब्लैक लेबल भी उन्हीं दिनों उतरी थी बाजार में तो वह भी इन पार्टियों में आती थी।

शराब और कबाब की उनकी पार्टी में कमी नहीं होने पाती थी। इन पार्टियों में विभिन्न अखबारों और चैनलों के संपादक व सीनियर रिपोर्टर के अलावा प्रदेश सरकार के तमाम मंत्री शामिल होते थे।

पार्टी के रंगारंग माहौल में खबरनवीसों को मंत्रियों से खबरें भी मिलती थी जिसके चलते ये मंत्री जी खबरनवीसों के चहेते हो गए और इनके विभाग के बड़े बड़े मामलों की अखबारों और चैनलों में अनदेखी होने लगी। कुल मिलाकर इन मंत्री जी का जलवा सीएम सरीखा हो गया।

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सरकार में रुतबा बढ़ा तो ये मंत्री जी भी बेअंदाज होने लगे। सीएम से मिलने के प्रोटोकाॅल की अनदेखी करना उनकी आदत में शुमार हो गया और आए दिन शराब पीने के बाद ये साहब सीएम से मिलने उनके आवास पहुँचने लगे।

सीएम साहब को अपने इन मंत्री का रवैया बहुत खराब लगता था, पर उन्होंने इसकी अनदेखी की। लेकिन एक दिन पानी सर से गुजर गया, ये मंत्री जी रात ग्यारह बजे टुन्न अवस्था में सीएम आवास पहुँच गए।

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सीएम साहब उस समय सो रहे थे, मंत्री जी ने उन्हें स्टाफ से कह कर जबरिया जगवाया। सीएम साहब की नीद उचटी, भुनभुनाते हुए वह ड्राइंगरुम में आए तो देखा कि शराब में टल्ली मंत्री जी उन्हें देखकर खड़े हुए, लेकिन नशे में होने के कारण लडखडा गए।

मंत्री जी की हालत देख सीएम साहब का धैर्य जवाब दे गया और सीएम साहब ने अपने सिक्युरिटी अफसर को बुलाकर ये आदेश दिया कि शराब पीकर आने वाले इन मंत्री जी को मुख्यमंत्री आवास से फौरन बाहर निकाल दिया जाए और आगे से इन्हें दिन में भी सीएम आवास में ना घुसने दिया जाए।

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सीएम के इस आदेश को मंत्री जी ने भी सुना पर टल्ली होने की वजह से वह कुछ समझ नहीं पाए और इसी बीच सीएम के सिक्योरिटी के इंचार्ज मंत्री जी का हाथ पकड़ कर उन्हें कमरे के बाहर लाए फिर उन्हें सीएम आवास के बाहर निकाल दिया गया।

सीएम ने इस घटना के बारे में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी जी को बताया तो उन्होंने कहा कि आपने ठीक किया, देर रात शराब पी के आए व्यक्ति से ना मिलना ही ठीक है।

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अटल जी ने जो बात सीएम साहब को हंसते हुए बताई उसे सीएम साहब ने गंभीरता से लिया और जब तक सीएम रहे अपने इस पड़ोसी मंत्री से नहीं मिले। तत्कालीन सीएम ने जिन मंत्री जी को अपने घर से बाहर किया था, उन्हें बाद में अपने राजनीति जीवन को पटरी पर बनाए रखने के लिए कई दलों में जाना पड़ा। आजकल ये नेता जी बीजेपी में हैं।

राजेन्द्र कुमार

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