क्या करता है हर चौथा भारतीय शराब पीने के बाद

शराब पीकर सड़क पर हंगामा करना बेहद आम है। भारत में शराब पीने वाला हर चौथा आदमी मदिरा सेवन का समापन लड़ाई-झगड़े से करता है। इतना ही नहीं शराब पीने वाला हर दूसरा भारतीय एक मौके पर कम से कम चार ड्रिंक जरूर लेता है।

इस तरह के व्यवहार को ‘हैवी एपिसोडिक ड्रिंकिंग’ यानी बहुज ज्यादा सेवन करने वाला माना जाता है। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि भारत में अल्कोहल का सेवन करने वाले 43 प्रतिशत लोग इस कैटेगरी में आते हैं। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने हाल ही में एक सर्वेक्षण किया है जिसमें यह सारी बातें सामने आई है।

भारतीयों की पहली पसंद ‘देसी शराब’

भारत में ‘देसी शराब’ और IMFL (भारत में बनने वाली विदेशी शराब) की खपत सबसे अधिक होती है। शराब पीने वाला हर तीसरा भारतीय इन उत्पादों पर फिदा है। वहीं वाइन पसंद करने वाले मात्र 4 फीसदी लोग ही हैं, हालांकि बियर पीने वाले 21 प्रतिशत लोग हैं, जिनमें से 12 प्रतिशत स्ट्रांग और 9 प्रतिशत लाइट बियर पसंद करते हैं।

शराब पीने वाले लोगों पर सर्वेक्षण के दौरान एक बात सामने आई कि कुछ लोग ऐसे भी हैं जो बहुत ज्यादा अल्कोहल का सेवन करते हैं। इतना ही नहीं पीते वक्त उसमें बहुत ज्यादा पानी मिलाना भी पसंद नहीं करते।

कितने प्रतिशत भारतीय शराब का करते हैं सेवन?

भारत में शराब पीने वालों की आबादी 14.60 प्रतिशत है। शराब पीने वाले लोगों की उम्र 10-75 साल के बीच है। वहीं कुल आबादी की बात की जाए तो 16 करोड़ लोग अल्कोहल का सेवन करते हैं. इसमें सभी वर्ग के लोग हैं।

शराब का सेवन करने वाले 16 करोड़ में से 95 प्रतिशत पुरुष हैं, जो 18-49 एज ग्रुप में आते हैं। वहीं शराब सेवन करने वालों का लिंगानुपात देखा जाए तो 17 पुरुषों के मुकाबले एक महिला है। पुरुषों की तुलना में महिलाओं को शराब पर ज्यादा कंट्रोल। रिपोर्ट के मुताबिक शराब पीने का प्रचलन 27.30 प्रतिशत पुरुषों में है जबकि महिलाओं में यह 1.60 फीसदी ही है।

इतना ही नहीं महिलाओं को शराब सेवन करने पर ज्यादा कंट्रोल है। यानी कि वो अपनी लिमिट जानती हैं, पुरुष इस मामले में लापरवाह है इसलिए अक्सर पीने के बाद वो हिंसक हो जाते हैं. रिपोर्ट में पाया गया है कि शराब पीने वाला हर पांचवां व्यक्ति अल्कोहलिक है यानी कि शराब पीने का आदि है। वहीं शराब पीने वाली हर 16वीं महिला अल्कोहलिक है।

चीयर्स डेस्क 

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