इस वजह से हिमाचल को लग रही है लाखों की चपत

हिमाचल प्रदेश सरकार को चंडीगढ़ में सस्ती शराब बिकने से नुकसान उठाना पड़ रहा है। प्रदेश के सीमावर्ती तीन जिलों के कई लोग चंडीगढ़ में बिकने वाली सस्ती शराब पीने के अलावा साथ में दो बोतलें घर ले जाते हैं। चंडीगढ़ से होते हुए हिमाचल में घूमने आने वाले कई पर्यटक भी चंडीगढ़ से दो बोतलों का कोटा उठाते हैं।

राजस्व की दृष्टि से चंडीगढ़ की सस्ती शराब हिमाचल सरकार के खजाने पर हमला बोल रही है। शराब का अवैध कारोबार भी हिमाचल सरकार को नुकसान पहुंचा रहा है। इस प्रकार के नुकसान को देखते हुए प्रदेश सरकार ने चंडीगढ़ प्रशासन को पत्र लिखा है। इसमें चंडीगढ़ प्रशासन से शराब के दाम बढ़ाने का मामला उठाया है।

पत्र में तर्क दिया गया है कि सस्ती शराब के कारण राज्य को नुकसान उठाना पड़ रहा है। आकलन है कि चंडीगढ़ में शराब महंगी या हिमाचल के मूल्यों के समान हो तो राज्य सरकार को वार्षिक करीब 200 करोड़ रुपये का नुकसान नहीं होगा। प्रमुख ब्रांड की शराब की एक बोतल जो हिमाचल में 3450 रुपये की है, उसकी कीमत चंडीगढ़ में 2220 रुपये है। हिमाचल में 510 रुपये में बिकने वाली शराब की बोतल चंडीगढ़ में 320 रुपये में मिल रही है। यह मामला चंडीगढ़ में आयोजित 29वीं उत्तर क्षेत्रीय परिषद की बैठक में उठाया गया था। इस मामले में कोई कार्रवाई न होने की स्थिति में सरकार ने चंडीगढ़ प्रशासन को पत्र लिखा है।

आबकारी एवं कराधान विभाग के प्रधान सचिव संजय कुंडू ने कहा कि सरकार ने चंडीगढ़ प्रशासन से शराब के मूल्यों का मामला उठाया है। चंडीगढ़ में शराब सस्ती होने से कई तरह के नुकसान प्रदेश सरकार को उठाने पड़ रहे हैं। सरकार चाहती है कि चंडीगढ़ प्रशासन शराब के मूल्य हिमाचल की तर्ज पर निर्धारित करे। ऐसा करने से शराब की तस्करी रुकेगी।

चीयर्स डेस्क 

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