अब देशी शराब का पौवा भी टेट्रा पैक में

अंग्रेजी शराब के बाद अब यूपी में देसी शराब का पौव्वा भी टेट्रा पैक में मिलेगा। राज्य सरकार ने 2020-21 के लिए जारी नई आबकारी नीति में इसका विकल्प दिया है। इस पर शराब की मात्रा के साथ पैक, एक्सपायरी डेट भी लिखनी जरूरी होगी। अंग्रेजी शराब के टेट्रा पैक नौ महीने तक ही मान्य होते हैं। आबकारी आयुक्त पी गुरुप्रसाद ने बताया कि इसका उपयोग किए जाने से पहले उसकी गुणवत्ता के लिए तय मानक पूरे करने जरूरी होंगे।

ईक्रो फ्रेंडली होता है टेट्रा पैक

टेट्रा पैक ईक्रो फ्रेंडली तो होता ही है, इसके अलावा इसमें मिलावट की भी आशंका खत्म हो जाएंगी। जानकारों की मानें तो यह लकड़ी, पेपर बोर्ड, एल्यूमीनियम और पालीथाइलीन की लेयर्स से बनाया जाता है। देश में तमाम कंपनियां दूध, जूस, घी, तेल सहित तमाम तरल खाद्य पदार्थों की पैकिंग के लिए इनका प्रयोग कर रही हैं। टेट्रा पैक में शराब भरे जाने से पहले संबंधित कंपनी को सेंट्रल फूड टेक्नॉलजी रिसर्च इंस्टिट्यूट मैसूर, इंडस्ट्रियल टॉक्सिकोलजी रिसर्च सेंटर लखनऊ या फिर इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पैकेजिंग नई दिल्ली से प्रमाणपत्र लेना जरूरी होगा।

कोर्ट की सख्ती के बाद बंद हुए प्लास्टिक पाउच

शराब कारोबारियों की माने तो 2001 से पहले देसी शराब कांच की बोतल में आती थी, लेकिन 2001 के बाद देशी शराब का पौव्वा प्लास्टिक के पाउच में आने लगा। कोर्ट ने जब प्लास्टिक पर सख्ती की, तो प्लास्टिक के पाउच तो बंद हो गए। लेकिन, शराब का पौवा प्लास्टिक की शीशी में आने लगा। हालांकि, पिछली आबकारी नीति में शराब की बिक्री प्लास्टिक की शीशी के स्थान पर कांच की शीशी में करने को कहा जा चुका है।

चीयर्स डेस्क 

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